Asked 5 years ago

कुछ शिक्षको की अपनी छात्राओं के प्रति नियत खराब क्यों हो जाती है?

Like
12
854

Hey, help the community by sharing your answer.

Earn up to 300 points for helpful answers.

Login to Answer

दोस्तों आज के वर्तमान समय में शिक्षक के द्वारा अपनी छात्राओं के प्रति गलत नियत की खबरें सुनने को मिल रही हैं आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि शिक्षकों की अपनी छात्राओं के प्रति नियत खराब क्यों हो जाती हैं दरअसल शिक्षक छात्राओं को फ्रेंडली तौर पर पढ़ाते हैं और वे धीरे-धीरे उनकी ओर आकर्षित होने लगते हैं जिसके कारण शिक्षकों की नियत छात्राओं के प्रति खराब होने लगती है।

Article image

V

Answered By Vandna dahiya

Author
View Profile
Answered on06/26/23
Like
3

कुछ शिक्षक़ो की अपनी छात्राओं के प्रति नियत इसलिए खराब हो जाती है क्योंकि आज के वर्तमान समय मे बच्चे और शिक्षक आपस मे फ़्रेंडिली है, शिक्षक बच्चो के साथ दोस्त की तरह व्यवहार करते है उन्हें बच्चों की तरह बिल्कुल नहीं पढ़ाते है बल्कि दोस्तों की तरह उनसे बात करते है मज़ाक मस्ती,करते है जिसके कारण शिक्षक़ो की अपने बच्चों के प्रति नियत खराब होने लगती है और वह अपने ही छात्रा के ऊपर गलत निगाह से घूरने लगते है और उनके साथ गलत करने की कोशिश करने लगते है।

Article image

M

Answered By Meena Kushwaha

Author
View Profile
Answered on06/24/23
Like
4

वर्तमान समय में ऐसे बहुत से शिक्षक हैं जिनकी नजर अपनी छात्राओं मे बुरी तरीके से रखते हैं। लेकिन लड़कियां उनकी इस नियत को समझ नहीं पाती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह तो हमारे शिक्षक हैं हमारे बारे में बुरा क्यों चाहेंगे। और आगे चलकर यही बुरे शिक्षक उनके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहते हैं और उनका शोषण करने लगते हैं। मैं इस तरह के शिक्षक को चाहती हूं कि उन्हें नौकरी से निकाल देना चाहिए, तथा उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आगे चलकर किसी नाबालिक लड़की के साथ गलत ना हो सके।Article image

Krishna Patel

Answered By Krishna Patel

Author
View Profile
Answered on10/08/22
Like
4

कुछ 25-30वर्ष के नर शिक्षक होते है, वह 16-18 वर्ष की उम्र के लडके लड़कियो कों पढ़ाना ज्यादा पसंद करते है क्योकि आज कल के बच्चे और शिक्षक फ्रेंडलिय होकर बच्चो कों पढ़ाते है। पढ़ाई -पढ़ाई के चक्कर मे शिक्षक 16वर्ष लड़कियो की ओर आकर्षित होने लगते है, क्योकि यह ऐसी उम्र है जो शिक्षक अपनी जरूर पूरा करने के लिये अपनी ही स्टूडेंट यानि लड़कियो के प्रति उनकी नियत खराब हो जाती है और वह उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगते है।ऐसे गंदे नियत रखने वाले शिक्षकों कों टीचिंग की जॉब से ही निकाल देना चाहिए, इन गंदे शिक्षकों कारण सरीफ,अच्छे शिक्षकों का नाम खराब होता है।Article image

S

Answered By Setu Kushwaha

Author
View Profile

Mp

Answered on10/08/22
Like
4

मैं एक स्कूल शिक्षक हूं और मुझे 10 से 18 साल ( जोकि तूफानों, उद्वेगों से भरी कोमल अवस्था मानी जाती है) के छात्र / छात्राओं को पढ़ाने का मौक़ा और उनको जानने का अनुभव मिला है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ शिक्षक ही छात्राओं को लुभाते हैं कुछ छात्राएं भी शिक्षक की तरफ आकर्षित होती हैं लेकिन शिक्षक को जिम्मेदार होने के नाते अपने ऊपर नियंत्रण रखना होता है।

एक नर होने के नाते शिक्षक क्या कोई भी इंसान विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित हो सकते हैं लेकिन नाबालिग लड़कियों के प्रति ऐसी भावना रखना आधुनिक समाज में अपराध है लेकिन ये नेचुरल भी है यहीं हमें परिपक्वता की आवश्यकता है ।

इसमें सबसे बड़ा कारण शिक्षकों का दोषपूर्ण चयन है मेरे विद्यालय में 3 शिक्षक ऐसे थे जिनका इरादा केवल कमसिन किशोरियों को सेक्सुअली यूज करना था उनके लव के किस्से हुए एक दो शिक्षक पर कार्यवाही हुई जो छात्राओं को परेशान करते थे कुछ बच गए। इसलिए योग्य, चरित्रवान शिक्षक का चुनाव करना चाहिए।

मैं भी एक 16 वर्षीय छात्रा की तरफ आकर्षित रहा था चूंकि मुझे पता था ये एक नैसर्गिक शारीरिक आकर्षण है जोकि समाज में और मेरे व्यवसाय में स्वीकार्य नहीं है वो छात्रा बेहद सौम्य और पढ़ाई में अव्वल थी , इसलिए फेवरेट थी, मेरी आयु उस समय 29 वर्ष थी । कई छात्राएं मेरे पास रात में मैसेज भी करती थीं, किस्से शेयर करतीं चूंकि मैं एक जिम्मेदारी वाले पद पर था तो मैंने कभी भावनाओं को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और एक अच्छे , फेवरेट और चरित्रवान शिक्षक के रूप में छवि बनाई जो आज भी कायम है। और अक्सर एक विशेष शारीरिक गठन के शिक्षक अधिकतर घटिया हरकत करते हैं ऐसा मैंने नोट किया है , शिक्षक का चयन चरित्र के आधार पर उसके पिछले रिकॉर्ड को देखकर करें।

आज मैं अपने छात्रों के प्यार से एक सरकारी अध्यापक के रूप में चयनित होकर सेवा दे रहा हूं, जो छात्राओं पर घटिया संबंध बनाने की लालसा रखते थे वो उस नौकरी से हाथ दो बैठे और कुछ खास हासिल नही हुआ है, शायद ये कर्मों का नतीजा है। और मेरे पुराने छात्र मेरे आज भी संपर्क में हैं मैं उनको चरित्रवान बनने और राह से ना भटकने की जानकारी बेहिचक दे देता हूं।

वैसे समाज में शिक्षकों और छात्रों दोनों का पतन हो रहा है छात्र अध्यापक का उचित सम्मान और लिहाज नही करते इसलिए शिक्षक भी छात्रों से कोई लगाव नहीं रखते , हमें विद्यार्थियों को अच्छा नागरिक बनाने की आवश्यकता है वो देश का भविष्य हैं हमें अच्छी पीढ़ी की दरकार है । इस जवाब के माध्यम से किसी को आहत करना मेरा मकसद नहीं है मैंने जो अनुभव या अवलोकित किया वही लिखा है।

Article image

Image Source - Google

S

Answered By Satindra Chauhan

Exploring topics worth understanding
View Profile

One question can help thousands.

Answered on07/17/21
Like
4