सम्मान यानी कि आदर करना अक्सर आपने देखा होगा कि यदि आपके अंदर कोई टैलेंट नहीं होता है तो जैसे कि आप सीधे-साधे होते हैं तो आप का कोई आदर नहीं करता है। इसलिए यदि आपको समाज में अपना सम्मान और आदर पाना है तो आपको हमेशा टैलेंट रहने की आवश्यकता होती है यदि आपके अंदर टैलेंट नहीं है तो लोग आपको सीधा साधा समझ कर आपकी इज्जत नहीं करते हैं। सम्मान पाने के लिए व्यक्ति के अंदर अच्छे गुण होने चाहिए। यदि आप किसी को गाली देते हैं तो इसके बदले में यदि आप उससे सम्मान पाना चाहते हैं तो आपकी यह सोच बिल्कुल गलत है।
लोग आपका सम्मान क्यों नहीं करते ?
अगर आपको कोई सम्मान नहीं देता है तो यह समझ ले कि वह व्यक्ति खुद ही संस्कारवान नहीं है। क्योंकि हर इंसान का सम्मान करना ही इंसानियत कहलाता है। अब चाहे कोई टैलेंटेड हो या कोई टैलेंटेड ना हो। इस कारण से हम किसी का सम्मान और अपमान नहीं कर सकते हैं। सम्मान तो एक स्वेच्छा से किसी के प्रति होने वाला आदर भाव होता है जो दिखाई देता है लेकिन इसके उल्टे अगर कोई आपका अपमान करता है तो आप उसके प्रति गंभीर हो जाइए। मानहानि का दावा भी कर सकते हैं। वैसे जो लोग किसी का अपमान करते हैं, वे दूसरे को नीचा दिखाना चाहते हैं, वे अंदर से क्रोधी और घमंडी और टूटे हुए इंसान होते हैं।
जो लोग दुसरो का सम्मान नहीं करते है, उनकी खुद की कोई इज़्ज़त नहीं होती है। क्योंकि इस दुनिया मे सिर्फ वही लोगो का सम्मान किया जाता है, जिनकी अलग पहचान है जैसे कि देश प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति यह अपने पद, टैलेंट के कारण लोग इनके आदर सम्मान के लिए उनके गले फूलमाला हार पहनाते है, बड़ी -बड़ी पार्टीयों का आयोजन करते है उनके खाने -पीने हर चीज का इंतजाम करते है, उनके बैठने के लिए स्पेशल कुर्सी मांगवाई जाती है।
