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Updated on Jan 4, 2022others

भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र कैसे मिला?

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Updated on Jan 30, 2021

इसे ऋग्वेद से सीधे उत्तर दें


श्री राम के अवतार के बारे में बताते हुए महादेव ने पार्वती से कहा कि, स्वायंभुव मनु ने भगवान विष्णु को अपने पुत्र के रूप में धारण करने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके लिए महा विष्णु (गर्भोदक उपनिषद के विष्णु और Ksirodakaśāyī विष्णु {परममता}) सहमत हुए थे।

श्री राम की कथा को आगे बढ़ाते हुए, शिव ने देवी से कहा-दशरथ ने वशिष्ठ से श्री राम का जातककर्म संस्कार करने का अनुरोध किया। कैकेयी ने समय के साथ-साथ भारत को पांचजन्य शंख का अवतार दिया। इसी प्रकार, सुमित्रा ने दो पुत्रों- लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। लक्ष्मण शेषनाग के अवतार थे जबकि शत्रुघ्न सुदर्शन चक्र के अवतार थे।

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Answered on Dec 31, 2021

भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र अन्य शास्त्रों की तुलना मे बहुत ही शक्तिशाली माना जाता है। भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र बहुत ही परीक्षाये देनी पड़ी तब जाकर भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र मिला। भगवान शिव की पूजा करने के लिये भगवान विष्णु काशी गए हुये थे वहां पर उन्होंने मणिकार्णिका घाट पर स्नान किया और उन्होंने यह संकल्प लिया की वह 1हज़ार कमल के पुष्प शिव जी के चरणों मे चढ़ायेगे, तभी विष्णु जी की परीक्षा लेने के लिये भगवान शिव जी ने एक कमल का पुष्प कम करदिया, जिस वजह से भगवान विष्णु का संकल्प टूटने लगा और एक कमल का पुष्प कम होने पर वह अपनी एक आँख भगवान शिव जी के चरणों मे चढ़ाने के लिये तात्पर्य हो गए तभी स्वयं भगवान शिव प्रगट हुये और उन्होंने कहा इस दुनिया मे तुमसे सच्चा भक्त कोई नहीं है, और विष्णु जी की भक्ति से प्रसन्न हुये और भगवान शिव जी ने विष्णु जी को सुदर्शन चक्र दिया और उनको यह वरदान दिए कि तीनो लोको मे इस चक्र से कोई शक्तिशाली शास्त्र नहीं है।

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Answered on Jan 3, 2022

धार्मिक पुराणों में हम सभी ने इस बात को सुना है कि सबसे विनाशकारी हथियार सुदर्शन चक्र को माना जाता है। हम सब इस बात को जानते हैं कि सुदर्शन चक्र सबसे पहले भगवान विष्णु के पास था जैसे की हम सब जानते हैं जी श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे। सुदर्शन चक्र पाने के लिए भगवान विष्णु को बहुत कठिन परीक्षाएं देनी पड़ी थी एक बार भगवान विष्णु भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए काशी गए थे और वहां पर उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर जाकर स्नान किए और उन्होंने संकल्प लिया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 1000 कमल के पुष्प उन्हें अर्पित करेंगे और उन्हें प्रसन्न में करेंगे तभी भगवान शिव उनकी परीक्षा लेने के लिए 1000 पुष्प में से एक पुष्प को कम कर दिया था और सब भगवान विष्णु ने पुष्पों की गिनती की तो 1000 में से एक पुष्प कम था तो वे बहुत दुखी हुए थे और फिर उन्होंने उस पुष्प की जगह अपनी एक आंख हो चढ़ाने को सोचे क्योंकि उनकी आंखों को कमल के समान माना जाता है। तभी भगवान शिव प्रकट होते हैं और भगवान विष्णु की सच्ची भक्ति को देखकर प्रसन्न होते हैं और उन्हें सुदर्शन चक्र अर्पित कर देते हैं।Article image

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Answered on Jan 3, 2022

हमारे विष्णु भगवान शंकर भगवान के एक सबसे बड़े भक्त थे ! जिन्होंने भगवान शिव की पूजा की और अपनी एक आंख चढ़ा दी जिससे शिव जी प्रसन्न होकर विष्णु भगवान को सुदर्शन चक्र प्रदान किया और कहा कि तुम्हारे जैसा भक्त मेरा आज इस संसार में नहीं है ! कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोलेनाथ ने सुदर्शन चक्र प्रदान किया था ! जिससे विष्णु भगवान को सुदर्शन चक्र धारी भी कहा जाता है ! Article image

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