A
Amayra Badoni· 7 years ago
Author

CBSE में कक्षा 10 वीं की गणित की परीक्षा में क्या बदलाव किये गए हैं ?

0
587

Join this conversation

Sort By
Replying to the question above
Answered on12/20/18
अगर आप साल 2019 में 10 की परीक्षा देने जाने वाले है तो, CBSE की दसवीं की फेर बदल से बिलकुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है | 201 9 में, सीबीएसई ने कक्षा 10 की गणित की परीक्षा में कुछ बदलाव किया है, 10 की परीक्षा के लिए दो अलग अलग question paper के सेट बनाये है | हालांकि इन दोनों अलग-अलग question paper को छात्रों को अलग -अलग स्तर पर परीक्षा देनी होगी |

(Courtesy: The Times Headline)
जिसमे से पहले question paper में बच्चो को अधिक समस्याएं वाले सवाल मिलेंगे, जो गणित के base को मज़बूत करने में मदद करेंगे | वही दूसरे question paper को सरल और बुनियादी तरीके से बनाया जायेगा ताकि गणित के विषय में बच्चो की शुरू से ही पकड़ और मज़बूत बनी रहे |
लेकिन सबसे अच्छी और ख़ास बात यह थी इस बात में की छात्रों को अपनी आज़दी से अपने पसंद का एक question paper set चुनने की पूरी पूरी आज़दी होगी | इस पूरी प्रकिया को सभी 10th के छात्र अपने साल के अंत में फोम को भर सकेंगे |
CBSE के ये नया बदलाव Western schools से प्रेरित है | जो छात्र अपनी उच्च शिक्षा में गणित को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं रखते हैं, वे आसान प्रश्न सेट का चयन कर सकते हैं इससे उन्हें आसानी से स्कोर करने का मौका मिलता है |

(Courtesy: Hindustan Times)
एक तरह से देखा जाए तो ये उन बच्चो के लिए राहत की सांस है जिन्हे maths में परेशानी आती है उनके लिए स्कोर करने का यह एक अच्छा और आसान साधन होगा | पर यह एक खराब कदम भी माना गया है उन बच्चो के लिए जो आगे चल कर अपने भविष्य में कभी भी मैथ नहीं पढ़ना चाहते , क्योंकि ऐसे छात्रों को थोड़ी और मेहनत करवाने के बजाये बोर्ड के मानकों को कम करना कोई सही तरीका नहीं है | CBSE के साथ साथ ICSE के मानकों को भी कम कर दिया गया है |
इस बात का सारा असर बच्चो के आने वाले कल पर पड़ेगा क्योंकि जब भविष्य में वो किसी corporate world या फिर अपनी किसी भी specialised field में जाएंगे तो काफी सारी दिक्कतों का समाना करना पड़ेगा क्योंकि पाठ्यक्रम में इस तरह के बदलाव केवल जीवन में असफल होने के तरीके ही सिखाता है |
हलाकि अभी के लिए, यह नया सीबीएसई कक्षा 10 गणित परीक्षा मॉडल अभी भी पायलट मोड में है। इसका परीक्षण 201 9 में किया जाएगा, और यदि सफलता मिलती है तो इसे कक्षा 12 पाठ्यक्रम और अन्य विषयों तक भी बढ़ाया जाएगा।
Translated by - Letsdiskuss Team
0