सामान्य रूप से देखा जाता है कि लड़कियों की त्वचा बहुत ही कोमल होती है।
और जब कभी उनसे हाथ मिलाया जाए या गले मिला जाए तो हमको वो कोमलता महसूस भी हो जाती है। वही दूसरी ओर अगर बात पुरुषो की, कि जाए तो, उनकी त्वचा को जब कभी भी स्पर्श किया जाए तो उनकी त्वचा लड़कियों की त्वचा की तुलना मे थोड़ी कठोर होती है। ऐसे में सबके दिमाग में ही प्रश्न उठता है कि ऐसा क्यों होता है?
अगर बात जन्म की करे तो जन्म के समय लड़का- लड़की दोनों की त्वचा एक जैसी होती है एक दम मुलायम। परन्तु समय के साथ-साथ, जैसे -जैसे लड़का- लड़की बड़े होने लगते है। वैसे ही उनमें शारीरिक और मानसिक अंतर होने लगते है। लगभग 10 से 11वर्ष की आयु तक लड़के और लड़कियों का शरीर कोमल होता है।
परंतु 13-14 साल ( जब किशोरावस्था की शुरुआत होती है)से ही शारीरिक और मानसिक अंतर होना शुरू हो जाता है। क्योंकि इस आयु में लड़कों में एंड्रोजन व लड़कियों में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव होना शुरू होता है। जिसके कारण शरीर में अनेकों बदलाव होते हैं। जैसे लड़कों में आवाज भारी और गहरा हो जाती है लड़कियों में आवाज पतली और मधुर हो जाती है।
लड़कों में दाढ़ी -मूछ आ जाती हैं लड़कियों में रजोधर्म की शुरुआत हो जाती है।
इसके साथ ही यह देखा जाता है कि लड़कों के कंधे चौड़े और शरीर सुडौल हो जाता है। वहीं दूसरी ओर लड़कियों की त्वचा बहुत मुलायम और उनके स्थन व जांघो मे वसा का संचय हो जाता है। जिस कारण उनके ये अंग मोटे और आकर्षक हो जाते हैं। अचानक शरीर मे आए बदलाव के कारण ही इस आयु में लड़का - लड़की एक दूसरे के प्रति जल्दी आकर्षित होने लगते है।
यह अवस्था बहुत ही जटिल व संवेदनशील अवस्था होती है। क्योंकि इस अवस्था में लड़का- लड़की अपनी बाल्यावस्था से ऊपर उठकर धीरे-धीरे युवावस्था में जाना शुरू करते हैं। और शरीर में सेक्सुअल हार्मोन के स्राव के कारण मन बेचैन होने लगता है। और विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण देखने को मिलता है।
और इस अवस्था में यह देखने को मिलता है कि लड़कों के बाल कठोर हो जाते हैं। वही लड़कियों के बाल मुलायम हो जाते हैं। मुहासे होना इस उम्र में एक आम सी बात होती है। लड़के लड़कियों के शरीर के जननांगों मे घुंघराले बाल आना शुरू हो जाते हैं।
किशोरावस्था में आए शारीरिक बदलाव के कारण ही लड़कियों का शरीर कोमल होता है।






