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शनि देव के प्रकोप को दूर करने के क्या उपाय है ?

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हिन्दू धर्म में सभी ग्रहो को देव माना जाता है और सभी का अपना एक स्थान है | जितने भी ग्रह हिन्दू धर्म मे है उनका अपना अपना प्रकोप व फायदा है | ये ग्रह मानव जीवन मे उनके जन्म के साथ ही जुड़ जाते है | अब वो अच्छे है या बुरे ये उन ग्रहो की स्तिथि पर निर्भर होता है | आपके ग्रह व सितारे ही आपके वर्तमान व भविष्य तय करते है |

वैसे तो सभी ग्रह अपने आप मे महत्व रखते है परन्तु सबसे महत्वपूर्ण ग्रह शनि को माना जाता है | शनि का नाम आते ही लोगो के मन मे डर बैठ जाता है | पर उसके बाद भी लोग उसका उपाय नहीं करते वो अपनी लाइफ मे इतना व्यस्त होते है के उनको समय नहीं मिलता | परन्तु अगर उनकी लाइफ मे कुछ बुरा होता है तो वो भगवन को दोषी मानते है | शनि दोष भी कुंडली मिलाप में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह जन्म के समय शनि की स्थिति पर निर्भर करता है।

शनि के प्रकोप से कैसे बचे :-

1 . शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उनके इस श्लोक का जाप करे जिनमे उनके 10 नाम शामिल हो जाते है |

"कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।

सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।"

2 . सुबह सूर्योदय से पूर्व पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाए और सरसो के तेल का दिया लगाए |

3 . शाम सूर्य अस्त होने के बाद पीपल के पेड़ पर सरसो तेल का दिया जलाए |

4 . पुरुष वर्ग शनि देव के मंदिर जाकर उन पर सरसो तेल चढ़ा सकते है | परन्तु महिलाओ को ये अनुमति नहीं है |

5. शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को भोजन करवाए और काली दाल व सरसो तेल दान दे |

6. काले घोड़े की नाल की अंगूठी बना कर पहने |

7. मंगलवार हनुमान जी के सामने तिल के तेल का दिया जलने से भी शनि का प्रकोप काम होता है |

सावधानी :-

" एक बात का विशेष ध्यान दे शनि देव का पूजन केवल सूर्योदय से पहले और सूर्य अस्त के बाद ही करे ,ऐसा करने से शनि देव का प्रकोप आपकी राशि से कम हो जाएगा और आपको लाभ मिलेगा "

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Updated on05/20/26
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शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा उपाय :

- कभी भी शनि के किसी ऐसी मूर्ति के दर्शन ना करें जिसमें शनि की आंखें हैं।

- हर शनिवार के दिन लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के सामने खड़े हो, हनुमान जी की पूजा सेशनिदेव शांत रहते हैं।

- घर के छोटो और सहायकों से अच्छा व्यवहार रखें।

- नीले रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें।

- जीवन में ईमानदार बने, सत्य बोले, और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें।

- तुलसी के पौधे और पीपल में जल डालें।

- शनिवार सायकल सरसों के तेल का दीपक चौराहे या पीपल के नीचे जलाएं।Article image

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Poonam Patel
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Answered on12/02/22
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  1. जैसा कि हम सब जानते हैं कि शनिदेव कलयुग के सबसे अच्छे देवता माने जाते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा दिन माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति को शनि देव भगवान को प्रसन्न करना है तो उसे शनिवार के दिन सरसों का तेल और नियमित रूप से 11 छाया दान करनी चाहिए .उसे शनिवार के दिन शनि चालीसा और शनि मंत्रों का अच्छे से जाप करना चाहिए। शनिदेव को प्रसन्न करनेेेेेेेेे के लिए काली तिल के लड्डू का भोग लगाना चाहिए।Article image
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preeti  patel
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Answered on12/01/22
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शनिदेव के प्रकोप को दूर करने के बहुत से उपाय हैं जिनको अपनाकर आप शनिदेव के प्रकोप से बच सकते हैं।

यदि आपके ऊपर शनिदेव का प्रकोप चल रहा है तो इस प्रकोप से बचने के लिए आप शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उस दिन में अपने चेहरे को देखने से शनिदेव का प्रकोप धीरे धीरे करके कम होने लगता है और उस तेल आप किसी गरीब को दान कर दे ऐसा करने से शनिदेव के प्रकोप से जल्दी बचा जा सकता है।

शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए मनुष्य को काले हाथियों को भोजन करवाना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए ऐसा करने से शनिदेव जल्दी खुश होते हैं। और आपके ऊपर से अपना प्रकोप कम कर देते हैं।Article image

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Krishna Patel
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Answered on01/21/22
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दोस्तों शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शनिदेव मनुष्य के पाप और पुण्य कर्म के आधार पर उन्हें दंडित करते हैं ऐसे में शनिदेव के प्रकोप को दूर करने के क्या उपाय हैं। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे। ऐसा कहा जाता है कि शनिदेव को क्रोधित होने में समय नहीं लगता है।
शनिदेव को काली तिल और गुड़ बहुत पसंद होता है। शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए काले हाथी को भोजन करवाएं इससे शनिदेव प्रसन्न होगें। और शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए आप बजरंगबली यानी हनुमान जी की पूजा अर्चना भी कर सकते हैं शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

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V
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Answered on12/01/22
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•शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा उपाय है कि हनुमान जी की शरण में चले जाएं,संकटमोचर हनुमान की कृपा तमाम संकटों से बचाती है इसके लिए रोजाना हनुमान चालीसा पढ़ें तथा खास तौर पर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाये तथा साथ ही सुंदरकांड का पाठ भी करे।


•शनि के प्रकोप को दूर करने के लिए भगवान शिव की उपासना करना अच्‍छा उपाय माना जाता है,इसके लिए नियमपूर्वक शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करें, इससे जीवन की सारी समस्याऐ दूर हो जाती है।Article image

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S
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Mp

Answered on11/30/22
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शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए एक सीधा और आसान सा तरीका है कि आप शनि देव कि आराधना करो | उनकी आराधना आपके सभी कष्टों को दूर करती है | सूर्य पुत्र शनि देव कि आराधना करने से आपके सभी दुःख दर्द दूर होते है | शनि देव को लेकर मान्यता है अगर आप शनि देव कि आराधना आप अपनी पूरी सच्ची निष्ठा से करते है तो आपके सभी कष्ट से दूर होंगे और आपको कोई दुःख छू भी नहीं सकता और अगर शनि देव आप पर पर क्रोधित है तो आपकी कोई रक्षा भी नहीं कर सकता |

शनि देव कि पूजा बहुत ही आसान है | लड़कियाँ भी शनि देव की पूजा कर सकती है | हर शनिवार पीपल के पेड़ कि पूजा करे | शनिवार कि सुबह सूर्य उगने से पहले पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाए और सरसों तेल का दिया जलाये | अगर सूर्य उग जाए तो केवल पीपल पर जल चढ़ाये दिया नहीं जला चाहिए |

शाम के समय सात बजे के बाद ही सरसों तेल का दिया जलाए जब सूर्य देव पूरी तरह ढल जाए उसके बाद ही शनि देव को दिया लगाना चाहिए | पीपल में सरसों तेल का दिया लड़कियाँ और लड़के दोनों लगा सकते है | कुछ लोग शनि देव कि प्रतिमा में सरसों तेल चढ़ाते है | शनि देव कि प्रतिमा में सरसों तेल सिर्फ लड़के चढ़ाते हैं | शनि देव कि पूजा आराधना करना सभी को लाभकारी होता है |

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K
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हिंदी लेखक

Updated on06/19/18
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में बस इतना जानना चाहता हूँ कि क्या शनि देव कहते हैं,कि उन पर सरसों तेल चढ़ाओ तभी वो प्रसन्न होंगे | नहीं,हम आराधना और भक्ति के नाम पर अंधे ही नहीं अंधविश्वासी होते जा रहे हैं | भगवान की आराधना मन से होती हैं ,न कि दिखावे से ,भगवान् को मानना हैं,तो उन्हें मन में मानों और उनकी भक्ति को मानों ,उन पर पूरा विश्वास करों न कि अन्धविश्वास |
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R
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Answered on06/18/18
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में आप लोगो कि बात से पूरी तरह सहमत हूँ ,जो उपाय आप लोगो ने बताइये है शनि देव को प्रसन्न करने के लिए बिलकुल सही है | शनि देव जैसा भगवान् और कोई नहीं जिनका गुस्सा और प्यार दोनों ही पुरे जग से निराले है | अगर आप शनिदेव के प्रकोप से बचना चाहते हो तो आप ऊपर लिखे उपाय के साथ-साथ ये उपाय भी करे तो आपके लिए बेहतर रहेगा |

जिस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति राखी हो और उस मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा की ओर हो। ऐसे मंदिर आप शनिवार को जाए | हनुमान जी के सामने दीपक-अगरबत्ती लगाए और उन्हें फूल चढ़ाएं।

गुड़ और चने का भोग लगाएं | थोड़ी देर मंदिर में बैठें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर आपके लिए संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं।

हर शनिवार को हनुमानजी की आराधना करने से जल्द ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे,और शनि देव आप पर प्रसन्न होंगे |

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D
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Answered on04/27/18
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बहुत लोग शनि देव से जुड़े उपाय faith और मानसिक शांति के लिए करते हैं। शनिवार को दान करना, जरूरतमंदों की मदद करना, Hanuman Chalisa पढ़ना और disciplined life follow करना common remedies माने जाते हैं। कई लोग पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाते हैं या शनि मंदिर जाते हैं। लेकिन honestly सिर्फ डर के कारण पूजा करना सही mindset नहीं माना जाता। ज्यादातर spiritual लोग कहते हैं कि अच्छे कर्म, honesty और patience सबसे बड़े उपाय होते हैं। Social media पर कई exaggerated डर फैलाए जाते हैं, इसलिए blindly हर चीज follow करने की बजाय balanced approach रखना better है।

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M
Madhav SharmaDecoding the ancient language of the stars — with six years of practice, study, and thousands of consultations behind every word.
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Madhav Sharma is a professional astrologer with over 6 years of practice in Vedic astrology. He holds a Jyotish Visharad certification from the Indian Council of Astrological Sciences (ICAS), New Delhi — one of India's most recognised credentials in the field — and has studied under senior practitioners with decades of lineage in classical Vedic traditions. His content covers Vedic astrology, birth chart analysis, planetary transits, kundli matching, horoscope predictions, and the practical application of astrological principles in daily life. His work has been published on platforms including AstroSage, GaneshaSpeaks, and Boldsky Astrology, where he writes for readers seeking guidance grounded in classical astrological texts and consistent interpretive practice. Over six years, Madhav has conducted 2,000+ individual consultations and published 200+ articles on astrology, covering everything from beginner guides to in-depth analyses of rare planetary combinations. He is a practising member of the Indian Astrology Federation and has been a featured voice at astrology conferences and spiritual wellness events across India. Across all his writing, his approach remains consistent — classical knowledge, disciplined interpretation, and content that respects both the tradition of Vedic astrology and the intelligence of the reader.

Answered on05/12/26
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